ब्रेकिंग
CM Today: मंत्रालय में कैबिनेट बैठक से लेकर विभागीय समीक्षा तक, आज ऐसा रहेगा मुख्यमंत्री विष्णुदेव स... मुख्य मार्गो के डिवाइडर एवं छतों पर लगे कटआउट होर्डिंग्स की अनुमति होगी निरस्त,विज्ञापन कटआउट लगाने ... साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 06 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार, कमीशन के लालच में खाते-पासबुक-एटीएम उपल... गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, सर्व समाज संगठन ने शासन को भेजा ज्ञापन:-प्रांताध्यक्ष भानु ... मुख्य मार्गो के डिवाइडर एवं छतों पर लगे कटआउट होर्डिंग्स की अनुमति होगी निरस्त,विज्ञापन कटआउट लगाने ... 100 निकायों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 67 करोड़ मंजूर; 1.38 करोड़ OPD का रिकॉर्ड सफर होगा तेज और आसान! रायपुर से रांची-धनबाद तक नया एक्सप्रेसवे देगा बड़ी राहत स्वच्छ हवा की रैंकिंग में रायपुर चमका, दुर्ग-भिलाई और कोरबा ने भी बनाई मजबूत जगह गैस सिलेंडर बुकिंग पर बड़ा बदलाव, गांव और शहर में अब एक ही नियम लागू मुख्यमंत्री साय का आज का पूरा कार्यक्रम, नगरीय प्रशासन की समीक्षा बैठक में होंगे शामिल
रायपुर

जंगल से रेस्क्यू कर सफेद पूंछ वाले बीमार गिद्ध की बचाई गई जान

रायपुर : राजधानी रायपुर के समीप स्थित नंदनवन जंगल सफारी के वन अधिकारियों एवं चिकित्सकों की टीम विलुप्त प्रजाति के सफेद पूंछ वाले बीमार गिद्ध का रेस्क्यू कर उसकी जान बचाने में सफल रही है।

यह बीमार गिद्ध लगभग 500 किलोमीटर की उड़ान भरता हुआ बीते दिनों छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद वनक्षेत्र के बागबाहरा पहुंचा था।

इस बीमार गिद्ध के रेस्क्यू के बाद नंदनवन जंगल सफारी के वन्य चिकित्सकों एवं वन अधिकारियों ने बड़ी सावधानी के साथ इस गिद्ध का इलाज किया। इसके स्वास्थ्य पर सतत निगरानी रखी, जिसके चलते कुछ ही दिनों में यह गिद्ध स्वस्थ एवं सामान्य स्थिति में आ गया। जंगल सफारी की टीम ने इस गिद्ध को फिर से उड़ान भरने के लिए छोड़ दिया है।

नंदनवन जंगल सफारी के वन्यजीव डॉक्टरों और वन अधिकारियों की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बागबाहरा क्षेत्र से गिद्ध का सुरक्षित रेस्क्यू किया और 26 अगस्त को उसे नंदनवन जंगल सफारी ले आए।

यहां चिकित्सकों की देखरेख में गिद्ध को उचित उपचार और पोषण दिया गया, जिससे वह स्वस्थ होने लगा। कुछ दिनों में ही गिद्ध पूरी तरह से स्वस्थ हो गया और उसकी सक्रियता लौट आई।

नंदनवन जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि नंदनवन जंगल सफारी से वन्य जीव चिकित्सकों के सलाह के आधार पर 26 सितंबर 2024 को गिद्ध को फिर से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया, जिसके बाद यह गिद्ध यहाँ से 1100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए गुजरात के सूरत इलाके में पहुंच गया है। इस गिद्ध की लोकेशन की ट्रेकिंग बीएनएचएस द्वारा की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button